चारधाम यात्रा में बढ़ता वाहन दबाव बना पर्यावरण के लिए खतरा
उत्तरकाशी। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दौरान इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में पिछले 35 दिनों के भीतर रिकॉर्ड 6 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। इन श्रद्धालुओं के साथ लगभग 65,722 छोटे-बड़े वाहन भी धामों तक पहुंचे, जिससे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों पर पर्यावरणीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ती वाहनों की आवाजाही और उनसे निकलने वाला धुआं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ग्लेशियरों के बेहद करीब हजारों वाहनों से होने वाले गैस उत्सर्जन के कारण स्थानीय तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर ग्लेशियरों पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार प्रदूषण बढ़ता रहा तो आने वाले वर्षों में गंगोत्री ग्लेशियर समेत अन्य हिमनद तेजी से पिघल सकते हैं। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा, बल्कि भविष्य में जल संकट जैसी बड़ी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार मानवीय हस्तक्षेप और बढ़ते प्रदूषण का असर अब मौसम चक्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हर्षिल, मुखबा और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहले जहां सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती थी, वहीं अब बर्फबारी बेहद कम हो गई है। स्थानीय लोग भी मौसम में हो रहे इस बदलाव को महसूस कर रहे हैं।
इसके अलावा बढ़ते तापमान और सूखे वातावरण के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। जंगलों में लग रही आग से वन संपदा, जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई दुर्लभ प्रजातियों के अस्तित्व पर भी इसका असर पड़ रहा है।
एक्सपर्ट का कहना है कि चारधाम यात्रा को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, सीमित संख्या में वाहनों की अनुमति, बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाना समय की मांग बन चुकी है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते हिमालयी क्षेत्रों के पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी गई तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को गंभीर प्राकृतिक और पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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